Thursday, October 14, 2010

आईना

देखते अब नहीं आईना

हो गये हैं हमीं आईना !

जिसमे देखे है रूह आपको

है वो काया हसीं अईना !

आईना देखते हो तुम्ही

और हो भी तुम्ही आईना !

आ रहा है कोई बुद्ध फिर

हो रही है जमीं आईना !

मैं भी हूँ आईना अस्ल में

ये दिलाता यकीं आईना !

साफ़ है इसलिए कि कभी

कुछ भी रखता नहीं आईना !

जब कोई सामने हो तो हो

आईना फिर नहीं आईना !

देख लो राग तुम आपको

है तुम्हारा जबीं आईना !