घटाओं की परत छाई है तो बरसात भी होगी
कोई यूँ ही नहीं चिल्लाता कोई बात भी होगी
सितारे आज गर्दिश में हैं फिर भी मुझे यकीं है
ye daulat ye shohrat kal mere sath भी होगी
din में बिखरे उजालों को इफरात न लुटाओ,
कुछ उजाला jeb में रख लो आगे रात भी होगी
वो घर से निकलता नहीं फिर भी ठोकर खाताहै,
उसके kayalon में pattharon ki kaynaat bhi hogi!