तुमको कल छत पे जो नहीं पाये!
चाँद तारे भी सो नहीं पाये!
हमको मिलता कहाँ तेरा कांधा,
हम बिखर के भी रो नहीं पाये!
नींद आती ही nhin जैसे तुम,
हम जमाने से सो नहीं पाये!
हम पे har पल वो आँख रहती hai,
ham kahin chhup ke ro nhin पाये!
ek tumhen aur ik tumhara dil,
तुमसे हम ये ही दो नहीं पाये!
maut आई तब आपने जाना,
बारे-तन्हाई dho नहीं पाये !
हम उसे पा भी न सके ए दोस्त,
और दिल से भी खो नहीं पाये!
chaliye pata to chala......ab bhale hi maut aa jaye..
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