Thursday, December 9, 2010

नज़्म

सांवरे सांवरे सांवरे सांवरे
मन ये नाचे हो जैसे कोई पाँव रे

मेरे मासूम दिल को ठिकाना दिया
नाम तुने ही इसका दीवाना दिया
एक बेनाम को मिल गया नाँव रे
सांवरे .....................................

जिसकी माटी में खेले हुए हम जवां
प्यार के हमने बरसों बिताये जहां
याद वो फिर से आया मेरा गाँव रे
सांवरे .....................................

राग ने आज छेड़ा है वो रागिनी
रक्स में चाँद है और है चांदनी
दिल ने गया मेरे सांवरे सांवरे

मन ये नाचे हो जैसे कोई पाँव रे
सावरे.......................................

No comments:

Post a Comment