सर झुकाते ये क्या हो गया
संग भी देवता हो गया
बस ज़रा देर चलने की थी,
दश्त में रास्ता हो गया
बिन दुआ माँ के निकला था वो,
राह में हादसा हो गया
मिट गयी जब खुदी भी मेरी,
दोस्तों! मैं खुदा हो गया
एक पल को नज़र क्या मिली,
दिल मेरा आपका हो गया
बज्मे -उल्फत में फिर आपसे,
आमना-सामना हो गया
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